Monday, October 18, 2010

पिछले कुछ समय  से हमारे वरिष्ठ  सर रविशंकर  हिन्दी के ब्लॉग
 से आप सब  से  नाता जोडने की कोशिश कर रहे
है । अब हिन्दी में लिखते हुए बहुत अजीब सा लगता है। ये ब्लोग एक कोशिश है इस दुरी को मिटाने की ।
मैं यहां पर हर सप्ताह में कम से कम एक बार लिखने का प्रयत्न करूंगी !  
अभी तो हिन्दी में टाईप करने में ही अच्छी खासी मेहनत लग जाती है ।
अगर आप गलती से इस ब्लोग पर आ पहुंचे हैं, तो अनुरोध है कि कुछ टिप्पणी (comment) जरुर छोड़ियेगा ।

धन्यवाद

विन्प्रीत

1 comment:

  1. zarur miss.hum bhi khoshish karenge ki hum kuch na kuch comment kare

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